साढ़ेसाती लगभग साढ़े सात साल का वह समय है जब शनि आपकी चंद्र राशि से पहले की राशि, आपकी राशि और अगली राशि से गुज़रता है - हर एक में लगभग ढाई साल। यह चंद्र राशि से गिनी जाती है।
शनि कहाँ है
| समय | शनि |
|---|---|
| 29 मार्च 2025 - 3 जून 2027 | मीन |
| 3 जून 2027 - 21 अक्टूबर 2027 | मेष |
| 21 अक्टूबर 2027 - 23 फ़रवरी 2028 | फिर मीन (वक्री) |
| 23 फ़रवरी 2028 से | मेष |
अभी साढ़ेसाती (शनि मीन में)
| चंद्र राशि | चरण |
|---|---|
| कुंभ | अंतिम चरण |
| मीन | मध्य (सबसे भारी) चरण |
| मेष | पहला चरण |
ढैय्या: धनु (चौथा शनि) और सिंह (आठवाँ शनि)।
जून 2027 से (शनि मेष में): वृषभ का पहला चरण, मेष का मध्य, मीन का अंतिम चरण; ढैय्या मकर और कन्या पर।
अर्थ
साढ़ेसाती दबाव और ज़िम्मेदारी का समय है, अभिशाप नहीं। बहुत से लोग इसी समय सबसे ठोस काम करते हैं। परिणाम आपकी दशा और जन्म कुंडली में शनि की स्थिति पर निर्भर है - वृषभ और तुला लग्न के लिए शनि योगकारक है।
सरल उपाय
- अनुशासन, ईमानदारी और नियमित दिनचर्या।
- शनिवार को सरसों के तेल का दीपक, हनुमान चालीसा या शनि स्तोत्र।
- बुज़ुर्गों, मज़दूरों और ज़रूरतमंदों की सेवा; काले तिल, सरसों का तेल या कंबल दान।
- नीलम जैसे रत्न किसी अनजान की सलाह पर न पहनें।
मुफ़्त कुंडली में आज आपकी राशि से शनि की स्थिति देखें और ज्योतिषी से पूछें कि आपकी दशा में इसका क्या अर्थ है।